Monday, February 14, 2011

Valentine Day बुख़ार :)

कमबख्त दिन है कुछ ऐसा, फ़िरे है मुस्कुराता वो,
लिए इक दिल हथेली पे, कि गोया मुस्कुराया कोई,
फिजा भी बह रही ऐसी, ज़रा बहकी ही बहकी सी,
कि जी लो सब्र से थोड़ा, था ख्वाबों में जो आया वो..

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